Personal Computer kya hai | पर्सनल कंप्यूटर क्या है

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इस लेख में हम Personal Computer kya hai और पर्सनल कंप्यूटर के उपयोग भाग और प्रकार के बारे में डिटेल से बताने वाले है।

अगर आप भी जानना चाहते है तो पढ़े पर्सनल कंप्यूटर किसे कहते है? हमारे इस लेख को। साथ में आपको कंप्यूटर से जुडी अन्य जानकारी के बारे में भी पता चलेगा।

Personal Computer kya hai

Table of Contents

पर्सनल कम्प्यूटर क्या है ?( What is Personal Computer in hindi)

पीसी (PC-Personal Computer) व्यक्तिगत उपयोग के लिए छोटा, अपेक्षाकृत कम खर्चीला डिजाइन किया गया कम्प्यूटर है। यह माइक्रोप्रोसेसर प्रौद्योगिकी पर आधारित है। कम्प्यूटर निर्माताओं को एक चिप पर पूरा CPU डालने में सक्षम बनाता है। व्यापार में इसका उपयोग शब्द संसाधन (Word processing), लेखांकन (Accounting), डेस्कटॉप प्रकाशन, स्प्रेडशीट तथा डेटाबेस प्रबंधन आदि के लिए होता है। घर में पर्सनल कम्प्यूटर का उपयोग मनोरंजन के लिए, ई-मेल देखने तथा छोटे-छोटे दस्तावेज तैयार करने के लिए होता है।

पर्सनल कम्प्यूटर का विकास कैसे हुआ (Development of Personal Computer)

पीसी (पर्सनल कम्प्यूटर) सबसे पहले 1970 के दशक में दिखाई दिया। 1970 में माइक्रो प्रोसेसर के विकास ने PC का विकास किया। सर्वप्रथम सबसे लोकप्रिय पीसी एप्पल II 1977 में एप्पल कम्प्यूटर के द्वारा लाया गया। 1981 में IBM (International Bussiness Machine) ने अपना पहला पीसी IBM पीसी के नाम से लाया । IBM पीसी उस समय का सर्वाधिक लोकप्रिय पीसी था। आप कंप्यूटर के इतिहास को और बहतर तरिके से जान सकते है हमारे इस ब्लॉग से कम्प्यूटर का इतिहास को पढ़ कर।

पर्सनल कम्प्यूटर (पीसी) के भाग या घटक (Parts of Personal Computer)

एक पीसी आमतौर पर निम्नलिखित भागों से मिलकर बनता है।

1. सिस्टम यूनिट क्या है (What is System Unit in hindi) 

पीसी द्वारा किये जाने वाले सारे कार्य यहीं से नियंत्रित होते हैं। इसके पीछे के भाग से की बोर्ड, मॉनिटर, माउस तथा प्रिन्टर आदि तारों के सहारे जुड़े रहते हैं। हार्ड डिस्क, सीडी ड्राइव तथा फ्लॉपी ड्राइव इत्यादि इसके अन्दर जुड़े रहते हैं जिन्हें इसे सॉफ्टवेयर के द्वारा नियंत्रित किया जाता है। यह पीसी का मुख्य भाग है।

संरचना के आधार पर सिस्टम यूनिट दो प्रकार का होता है—

  1. डेस्कटॉप टाइप (Desktop Type): सिस्टम यूनिट एक वर्गाकार बॉक्स के तरह होता है तथा मॉनिटर इसके ऊपर रखा जाता है।
  2. टावर टाइप ( Tower Type): इसमें सिस्टम यूनिट एक टावरनुमा बॉक्स में होता है जो मॉनिटर के बगल में रखा जाता है। इसमें अतिरिक्त भंडारण उपकरणों को स्थापित करना आसान होता है।

सिस्टम यूनिट के मुख्य भाग (Main parts of System unit)

(i) सी पी यू (CPU) क्या है?

इसे प्रोसेसर या माइक्रोप्रोसेसर भी कहते हैं। यह पीसी से जुड़े विभिन्न उपकरणों को नियंत्रित करता है। यह कम्प्यूटर द्वारा प्राप्त सूचनाओं का विश्लेषण करता है। इसके तीन भाग होते हैं—

  1. मुख्म मेमोरी (Main Memory): वर्तमान में उपयोग हो रहे डेटा या निर्देशों को संग्रहित करता है।
  2. अर्थमेटिक लॉजिक यूनिट (Arithmetic Logic Unit) : अंकगणितीय तथा तार्किक गणनाओं में इसका उपयोग होता है। यहाँ सभी प्रकार की गणना की जा सकती है।
  3. कंट्रोल यूनिट ( Control Unit) यह कम्प्यूटर द्वारा हो रहे सारे कार्यों को नियंत्रित करता है।

(ii) मदर बोर्ड (Mother Board)

यह प्लास्टिक का बना एक सर्किट बोर्ड है, जिसमें धातु द्वारा निर्मित महीन धागे के समान संरचनाएँ होती हैं। इस धातु के संरचना को बस ( BUS) कहते हैं, जिसके द्वारा विभिन्न संकेतों या सूचनाओं का आदान-प्रदान विद्युत प्रवाह के रूप में होता है, यह कम्प्यूटर की बुनियाद है। कम्प्यूटर में प्रोसेसर, विभिन्न प्रकार के कार्ड जैसे डिस्पले कार्ड, साउंड कार्ड आदि मदरबोर्ड पर ही स्थापित किये जाते हैं। यह कम्प्यूटर का मुख्य पटल होता है।

ram

(iii) रैम (RAM) 

मदरबोर्ड पर रैम लगाने का स्थान (Slot) बना रहता है, जिसमें हम अपनी आवश्यकतानुसार रैम लगा सकते हैं। यह एक कार्यकारी मेमोरी है यानि यह तभी काम करता है जब हम कम्प्यूटर पर काम कर रहे होते हैं। कम्प्यूटर बंद रहने पर इसमें संग्रहित सभी सूचनायें नष्ट हो जाती है। यहाँ सूचनाओं को अस्थायी तौर पर रखा जाता है।

ROM

(iv) रॉम (ROM)

रॉम अर्थात् रीड ओनली मेमोरी जैसा कि नाम से ही स्पष्ट है कि इस मेमोरी में संग्रहित सूचनाओं को केवल पढ़ा जा सकता है, उसे परिवर्तित नहीं किया जा सकता है। कम्प्यूटर बंद रहने पर भी रॉम में सूचनायें संग्रहित रहती है, नष्ट नहीं होती। 

(v) मैथ कोप्रोसेसर (Math Coprocessor)

यह कम्प्यूटर का दूसरा सहायक प्रोसेसर है। इसका उपयोग वैज्ञानिक गणनाओं और बीजगणितीय कार्यों के चल बिन्दु (Floating Point) गणनाओं में होता है।

(vi) विडियो कार्ड (Video Card) 

इसे ग्राफिक्स एक्सेलेरेटर कार्ड, डिसप्ले एडेप्टर या ग्राफिक्स कार्ड भी कहा जाता है। यह हार्डवेयर का भाग है, जिसका कार्य स्क्रीन पर चित्र या दृश्य प्रदर्शित करना है।

(vii) साउण्ड कार्ड (Sound Card) 

अधिकतर पीसी मल्टीमीडिया के लिए बने होते हैं। साउण्ड कार्ड मदरबोर्ड पर एक स्लॉट में लगा रहता है या बोर्ड में ही बना होता है। साउण्ड कार्ड की सहायता से संगीत, भाषण या कोई भी ध्वनि को सुना जा सकता है।

(viii) विद्युत् आपूर्ति (Power Supply) 

पीसी के पीछे जहाँ पावर कार्ड जोड़ा जाता है वह विद्युत् आपूर्ति (Power Supply) है। यह AC वोल्टेज को कम्प्यूटर के विभिन्न घटकों के लिए उपयुक्त DC वोल्टेज में परिवर्तित करता है । कम्प्यूटर के घटकों को ± 5 वोल्ट की आवश्यकता होती है।

Speaker

(ix) स्पीकर ( Speaker) 

सिस्टम यूनिट के अन्दर कुछ ध्वनि संकेत के लिए स्पीकर लगा होता है। जैसे कम्प्यूटर ऑन करने पर स्क्रीन ऑन होने के पहले बीप (beep) ध्वनि स्पीकर द्वारा उत्पन्न होता है।

(x) टाइमर ( Timer) 

यह मदरबोर्ड पर लगा आंतरिक घड़ी है जो बैटरी से चलती है तथा कम्प्यूटर के आपरेशनों को सिक्रोनाइज करने के लिए इलेक्ट्रीकल पल्स पैदा करती है तथा इसके स्पीड की गणना गीगा हर्टज में की जाती है।

(xi) एक्सपैंशन स्लॉट (Expansion slot) 

यह कम्प्यूटर के मदरबोर्ड में निर्धारित वह स्थान है, जहाँ भविष्य में किसी अन्य उपकरण को जोड़ने के लिए स्लॉट बना होता है। सिस्टम यूनिट के सामने के भाग में पावर स्विच, रिसेट बटन, फ्लॉपी ड्राइव तथा सीडी ड्राइव होता है। पावर स्विच सिस्टम यूनिट में विद्युत आपूर्ति को ऑन या ऑफ करने के लिए प्रयोग होता है। रिसेट बटन सिस्टम में विद्युत आपूर्ति को बंद किये बिना फिर से ऑन करने के लिए होता है। यह सिस्टम हैंग करने के स्थिति में प्रयोग होता है। फ्लॉपी ड्राइव तथा सीडी ड्राइव क्रमशः फ्लॉपी तथा सीडी के रीड और राइट करने के लिए उपयुक्त होता है। 

सिस्टम यूनिट के पीछे भाग में विभिन्न बाह्य यंत्रों (Accessories) को जोड़ने के लिए पोर्ट और जैक बने होते हैं। ये निम्नलिखित हैं।

  1. पावर सॉकेट (Power Socket)
  2. की-बोर्ड पोर्ट (Keyboard Port)
  3. मॉनिटर पोर्ट (Monitor Port)
  4. सीरियल पोर्ट (Serial Port)
  5. पैरेलल पोर्ट (Parallel Port)
  6. ऑडियो जैक ( Audio Jack)
  7. नेटवर्क पोर्ट (Network Port)
  8. यू एस बी पोर्ट (Universal Serial Bus Port)
  9. SCSI पोर्ट (Small Computer System Interface Port)
Hard Disk

2. हार्ड डिस्क (Hard Disk) 

यह विशाल क्षमता युक्त स्थाई भंडारण उपकरण है। सॉफ्टवेयर प्रोग्राम एवं डेटा इसमें संग्रह कर रखते हैं तथा आवश्यकतानुसार कम्प्यूटर उसका उपयोग करता है। यह कम्प्यूटर में लगा स्थायी डेटा स्टोर करने का उपकरण है।

3. सीडी ड्राइव (CD-Drive) 

सीडी से डाटा पढ़ने या लिखकर स्टोर के लिए इसकी आवश्यकता होती है।

CD-Drive

4. फ्लॉपी ड्राइव (Floppy Drive) 

फ्लॉपी को पढ़ने या लिखने के लिए इसकी आवश्यकता होती है।

Monitor

5. मॉनिटर (Monitor) 

यह आउटपुट उपकरण है जिसके द्वारा मानव तथा कम्प्यूटर के बीच संवाद होता है । यह सी पी यू से जुड़ा रहता है।

Mouse

6. माउस (Mouse) 

यह इनपुट उपकरण है। यह दो बटन, तीन बटन या ऑप्टिकल होते हैं। यह सी पी यू से कार्ड के साथ जुड़ा रहता है।

इसे भी पढ़े: माउस क्या है और कितने प्रकार के होते है ?

7. की-बोर्ड (Key Board) 

Key Board

पीसी में डेटा को इनपुट करने के लिए लगा उपकरण जिसके द्वारा हम अक्षरों एवं अंकों को इनपुट के रूप में कम्प्यूटर में डालते हैं। साधारण की बोर्ड में 104 की ( Keys) होते हैं पर IBM पीसी के की बोर्ड में 83 की (Key) होते हैं।

इसे भी पढ़े: कीबोर्ड क्या है और कितने प्रकार के होते है ?

Speaker

8. स्पीकर (Speaker) 

यह एक आउटपुट उपकरण है। यह ध्वनि के रूप में आउटपुट देता है। इसका उपयोग प्रायः मनोरंजन के लिए होता है ।

printer

9. प्रिन्टर (Printer) 

यह एक आउटपुट उपकरण है जो कम्प्यूटर द्वारा प्रदत्त आउटपुट को कागज पर प्रिन्ट करता है या हार्ड कॉपी प्रदान करता है।

इसे भी पढ़े: प्रिंटर क्या है? और कितने प्रकार के होते है ?

Scanner

10. स्कैनर (Scanner) 

वह उपकरण जो इमेज को स्कैन कर बाइनरी कोड में बदलकर कम्प्यूटर में इनपुट करता है।

11. सीडी रॉम ड्राइव (CD-ROM Drive) 

सीडी से डेटा पढ़ने में प्रयुक्त किया जाने वाला यंत्र है ।

12. सीडी राइटर (CD-Writer) 

सीडी से डेटा पढ़ने एवं लिखने दोनों में प्रयुक्त किया जाने वाला यंत्र है।

13. मॉडेम (MODEM) 

यह Modulator Demodulator का संक्षिप्त नाम है। यह टेलीफोन लाइन के द्वारा कम्प्यूटर को इंटरनेट से जोड़ता है तथा डेटा को एक स्थान से दूसरे स्थान पर भेजता है।

14. यू पी एस (UPS-Uninterruptible Power Supply) 

यह बैटरी से संचालित उपकरण है जिसके द्वारा कम्प्यूटर में अनवरत विद्युत आपूर्ति बनी रहती है। कम्प्यूटर के अचानक बंद हो जाने से वर्तमान में हो रहे कार्य नष्ट हो सकते हैं। परन्तु यू पी एस के उपयोग से ऐसा होने से बचाया जाता है।

पर्सनल कंप्यूटर के उपयोग

पर्सनल कंप्यूटर का उपयोग वर्तमान समय बहुत ही बड़े पैमाने पर लोग कर रहे है। आज के समय में 10 घर में से 3 में एक कंप्यूटर मिल जाऐगा। इसका उपयोग ऑनलाइन काम करके पैसा कमाने के लिए, ईमेल का यूज करने के लिए, मनोंरजन के लिए हो रहा है।

पर्सनल कंप्यूटर के प्रकार

पर्सनल कंप्यूटर के दो प्रकार होते है। एक पोर्टब्ले कंप्यूटर जिसे हम कहि पर भी ले जा सकते है। दूसरा डेस्कटॉप कंप्यूटर।

पर्सनल कंप्यूटर के मुख्य घटक

पर्सनल कंप्यूटर के मुख्य घटक को हम पर्सनल कंप्यूटर के भाग भी कह सकते है। सिस्टम यूनिट (System Unit), हार्ड डिस्क (Hard Disk), सीडी ड्राइव (CD-Drive), फ्लॉपी ड्राइव (Floppy Drive), मॉनिटर (Monitor), माउस (Mouse), की-बोर्ड (Key Board), स्पीकर (Speaker), प्रिन्टर (Printer), स्कैनर (Scanner), सीडी रॉम ड्राइव (CD-ROM Drive), सीडी राइटर (CD-Writer), मॉडेम (MODEM), यू पी एस (UPS-Uninterruptible Power Supply) कंप्यूटर के घटक है।

पर्सनल कंप्यूटर के जनक कौन है?

पर्सनल कंप्यूटर के जनक स्टीव जॉब्स थे।

पर्सनल कंप्यूटर को हिंदी में क्या कहते हैं?

पर्सनल कंप्यूटर को हिंदी में व्यक्तिगत संगणक कहा जाता है।

निष्कर्ष

आज हमने पर्सनल कंप्यूटर के बारे में जानकारी हासिल की है जैसे पर्सनल कंप्यूटर क्या है। इसके कितने घटक यानि पर्सनल कंप्यूटर के कितने मुख्य भाग है। अगर आप इस लेख को ध्यान से पूरा पढ़ते है तो आपको pc से जुडी साडी जानकारी मिलेंगी। अगर फिर भी कोई सवाल बच जाता है तो हमे कमेंट करके पूछे।

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