जाने सॉफ्टवेयर कितने प्रकार के होते हैं? – Software ke Prakar

software ke prakarसॉफ्टवेयर कितने प्रकार के होते हैं? – समय के साथ हम टेक्नोलॉजी को और अधिक विकसित करते जा रहे है हर दिन हमारे सामने नए नए सॉफ्टवेयर आ रहे है, जिनकी वजह से हमारा काम आसान होता है, जैसे अगर आज के समय में हमें किसी के फोटो को एडिट करना है तो हमारे पास बहुत सारे विकल्प है|

पहले फोटो को एडिट करने के लिए कंप्यूटर की जरूरत पड़ती थी लेकिन आज स्मार्ट फ़ोन में इतने अधिक फोटो एडिटिंग के एप्लीकेशन आपको मिल जाते है की कंप्यूटर से भी अच्छा फोटो आप सिर्फ अपने मोबाइल फ़ोन में एडिट कर सकते है| लेकिन रुकिए कहि आप एप्लीकेशन को ही software ke prakar समझ रहे हो|

तो आप बिलकुल सही समझ रहे हो, लेकिन एप्लीकेशन जो होते है है सिर्फ हमारे छोटे कंप्यूटर जिसे हम मोबाइल में उपयोग करते है| लैस्किन ऐसा नहीं है की हम इन मोबाइल एप्लीकेशन को अपने कंप्यूटर में उपयोग नहीं कर सकते, अगर हमे इन्हे अपने कंप्यूटर में चलना है तो हमे एक कंप्यूटर सॉफ्टवेयर की जरूरत होगी| उसको आगे हम बाएगे लेकिन अभी हम Software ke Prakar के बारे में जान लिए है|

लेकिन उसे भी पहले हम जान लेते है की सॉफ्टवेयर क्या है? क्युकी यही से शुरू होता है सॉफ्टवेयर का जिक्र उसके बाद हमसे कोई पूछेगा की सॉफ्टवेयर के प्रकार कितने होते है? उनके एक एक उदाहरण बतावो। चलिए जनते है क्या होता है सॉफ्टवेयर?

सॉफ्टवेयर क्या है?

सॉफ्टवेयर की परिभाषा – आसान शब्दो में अगर समझे तो वह एक डिजिटल प्रोग्राम जो हमारे निर्देश पर कार्य करें, जिसको उपयोग करने के लिए हमे एक हार्ड वेयर की जरूत पड़ती है जैसे मोबाइल, कंप्यूटर वह सॉफ्टवेयर कहलाता है. उदारण के लिए हम जब भी मौसम के जानकरी के लिए अपने मोबाइल में wather application को ओपन करते है तो वह हमारे निदेश पर हमे मौसम की जानकरी देती है| हमारा फेसबुक, व्हाट्सप्प और भी जितने सॉफ्टवेयर है| चलिए अब software ke prakar के बारे में जानकारी लेते है|

हमें उम्मीद है आपको यह जानकारी समझ आ गई होगी, अगर आपको यह आर्टिकल अच्छा लग रहा है तो हमे नीचे कमेंट करके जरूर बताना|

नॉट – जल्द ही हम उस मुकाम को हासिल कर लेंगे, जब ये कंप्यूटर की दुनिया फूली ऑटोमैटिक होगी, हमारे नीरेश से भी पहले हमारे काम हो जाएगे|

सॉफ्टवेयर के कितने प्रकार होते है| – Software ke Prakar

सॉफ्टवेयर के चार प्रकार होते है. जो निम्नलिखित प्रकार से है. इन सभी के बारे में आपको निचे विस्तार से बताया गया है.

  1. एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर (Application Software)
  2. सिस्टम सॉफ्टवेयर (System Software)
  3. प्रोगरामिंग सॉफ्टवेयर (Programming Software)
  4. ड्राइवर सॉफ्टवेयर (Driver Software)

ये चार प्रकार के सॉफ्टवेर होते है, जिन्हे हम अपनी डेली लाइफ में उपयोग करते है, इनमे से पहले तीन का हमारी सब की लाइफ में बहुत उपयोग है किसी न किसी तरह से, चौथे का उपयोग सिर्फ इन तीनो को और बहतर बनाने वाले या कोई और नया सॉफ्टवेयर बनाने वाले ही उपयोग करते है. और इसके बारे में बहुत ही काम लोग जानते है. क्युकी इसका उपयोग हमारी डेली लाइफ में नहीं है. Computer Laptop ki speed kaise badhaye

एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर (Application Software)

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software ke prakar in hindi

एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर को चलाने ले लिए हमे एक हार्डवेयर और एक सिस्टम सॉफ्टवेयर की जरूरत होती है| सिस्टम सॉफ्टवेयर के बारे में आपको आगे बताएगे। हार्डवेयर के बारे में आपको पता ही होगा| जैसे हमारा मोबाइल।

एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर हम हर दिन उपयोग करते है, अपने मोबाइल में अपने कंप्यूटर में, इसका एक छोटा सा उदाहरण आपको मै पहले ही दे चूका हु अगर आपने आर्टिकल को शुरू से ध्यान से पढ़ा होगा| फिर भी कोई बात नहीं मै अब भी आपको बता देता हूँ, डेली लाइफ में जितने भी मोबाइल और कंप्यूटर में एप्लीकेशन या सॉफ्टवेयर हम उपयोग करते है, जैसे photo editer, video editer, facebook. whatsapp, ms word, ms excal और जितने भी आप जनते है भी वो सभी एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर होते है|

एप्लीकेशन Software ke Prakar

एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर में भी में मानता हु दो तरह के सॉफ्टवेयर होते है. Computer shortcut keys pdf download in hindi

List Application Software ke Prakar

  1. ऑफलाइन उपयोग किए जाने वाले एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर उदारण के लिए ms words, फोटो एडिटर, कैलकुलेटर
  2. ऑनलाइन उपयोग किए जाने वाले एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर उदाहरण के लिए हमें व्हाट्सअप, फेसबुक, wather app

सिस्टम सॉफ्टवेयर (System Software)

नॉट – सिस्टम सॉफ्टवेयर को हम ऑपरेटिंग सिस्टम सॉफ्टवेयर के नाम से भी जानते है.

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software ke prakar in hindi

आसान और देशी भाषा में अगर समझे तो – सिस्टम सॉफ्टवेयर वह सॉफ्टवेयर होता है जो एक हार्डवेयर को जिन्दा करता है, हमारे लिए एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर को चलाने के लिए, अगर हमारे कंप्यूटर में विंडो नहीं होगी तो वह सिर्फ एक डिब्बा होगा| मोबाइल में सॉफ्टवेयर नहीं होगा तो वह भी एक डिब्बा होगा| How to capture screenshot on computer windows 8, windows 10, and mac

यानि एक सिस्टम सॉफ्टवेयर हमारे कंप्यूटर और मोबाइल के लिए उतना ही जरूरी है जितना की हमारे लिए खाना पीना। आप समझ गए होंगे की अगर हमारे हार्डवेयर में अगर सिस्टम सॉफ्टवेयर नहीं होगा तो हम एप्लीकेशन का उपयोग नहीं कर सकते है|

एक टेक्निकल तरिके से अगर समझे तो – सिस्टम सॉफ्टवेयर (System Software) एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर के बैकग्राउंड में कार्य करने वाला एक सॉफ्टवेयर होता है. कंप्यूटर के लिए अलग और मोबाइल के लिए अलग. निचे लिस्ट दे रहे है. देखे। Laptop Me video download kaise kare 202

कंप्यूटर के लिए ऑपरेटिंग सिस्टम

  • MS-Windows
  • Linux
  • Unix
  • Ubuntu
  • Mac OS
  • Fedora
  • Solaris
  • Free BSD
  • Chrome OS
  • CentOS
  • Debian
  • Deepin

और भी बहुत सरे हो सकते है, आप इंटरनेट पर खोज सकते है, हम जिसे अधिकर उपयोग करते है MS-Windows, MAC os और Linux बाकि का तो लोगों को पता भी नहीं होगा।

Mobile के लिए ऑपरेटिंग सिस्टम

  • Android One
  • AliOS
  • BlackBerry Secure
  • ColorOS

मोबाइल ऑपरेटिंग सॉफ्टवेयर की अधिक जानकारी के लिए आप विकिपपीडा पर जा सकत है.

प्रोगरामिंग सॉफ्टवेयर (Driver Software)

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software ke prakar in hindi

प्रोगरामिंग सॉफ्टवेयर ऐसे सॉफ्टवेयर होते है जिन्हे सिर्फ सिस्टम सॉफ्टवेयर और एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर को बनाने के लिए डिजाइन किया जाता है, इन्हे चलाने ले किए आपको कंप्यूटर की सभी रह की भाषाओ को सीखना पड़ेगा| जिसमे हमारे html css java c++ php लारवेल, पायथन शामिल है.

अगर आपको इन सभी भाषाओ का ज्ञान ऐ तो आप इन सॉफ्टवेयर को चला सकते है और अपने खुद के एप्लीकेशन बना कर पैसे कमा सकते है| आप यकीन नहीं करोगे एक एक डेवलपर बहुत ही अधिक कमाई कर लेता है अपने खुद के एप्लीकेशन और सॉफ्टवेयर बनाकर|

तभी तो मै कह रहा था की वो दिन दूर नहीं जब हमारे निदेश से भी पहले हमारे काम हमारे कंप्यूटर खुद करेंगे| अभी हमारा एक ही सॉफ्टवेयर का प्रकार बचा है, जो की बहुत ही जरूरी है उन कंप्यूटर को चलाने के लिए जिन्हे अलग से ऑपरेट नहीं किया जा सकता बिना मैने कंप्यूटर से कनेक्ट किए| और इन सॉफ्टवेयर के बिना तो हमारा मैन कंप्यूटर भी अच्छे से काम नहीं करता|

नॉट – कुछ कंप्यूटर है जिन्हें किया जा सकता है, जैसे हमारा प्रिंटर।

ड्राइवर सॉफ्टवेयर (Driver Software)

ड्राइवर सॉफ्टर को लोग सिस्टम सॉफ्टवेर भी मानते है, लेकिन उन अलग कंप्यूटर उपकरण के लिए ही इन सॉफ्टवेयर को बनाया जाता है जिन्हे हमारे मैने कंप्यूटर से कनेक्ट करके उपयोग करते है जैसे हमारे सभी प्रिंटर, हमारे मोबाइल, स्केनर, पैन ड्राइव और बहुत से ऐसे उपकरण हो सकते है| जिन्हे हम अपने कंप्यूटर से कनेक्ट कर सकते है|

उदारण के लिए अगर किसी भी कंपनी के प्रिंटर को हमें अपने कंप्यूटर से कनेक्ट करना है तो उसमे हमे उस प्रिंटर का उसी कंपनी का ड्राइवर सॉफ्टवेयर इंसटाल करना पड़ेगा, उसके बाद ही हम उस प्रिंटर से अपने प्रिंट निकल पाएगे कंप्यूटर की मदद से.

Software ke Prakar के बारे में आपने आज क्या सीखा हमे कमेंट करके जरूर बताए, और हो सके तो हमारे इस आर्टिकल को अपने दोस्तों के साथ फसेबूक पर जरूर शेयर करें|

Free or Paid Software ke Prakar

अभी हम फ्री सॉफ्टवेयर और पेड सॉफ्टवेयर के बारे में जानकारी लेते है| 

फ्री सॉफ्टवेयर – ये वो सॉफ्टवेयर होते जिन्हें आप बिना एक पैसा खर्च किये उपयोग कर सकते है, जिनमे हमारे कुछ ट्रायल सॉफ्टवेयर भी शामिल होते है| इन सॉफ्टवेयर को आप इंटरनेट से उनकी ओफ्फिकल वेबसाइट से डाउनलोड कर सकते है| या अन्य किसी वेबसाइट से डाउनलोड करके आप इनका उपयोग कर सकते है| फ्री सॉफ्टवेयर डाउनलोड करने के लिए आप download.cent.com से भी डाउनलोड कर सकते है| जिसे आपको बहुत से ऐसे सॉफ्टवेयर फ्री में मिल जाएगे जिनका डेली लाइफ में बहुत उपयोग होता है|

पेड सॉफ्टवेयर – ये सॉफ्टवेयर आपको पहले ट्रायल वर्जन में मिलते है जैसे एक महीना दो महीने या एक वीक तक आप फीचर को फ्री में उपयोग कर सकते है, बिना एक पैसा खर्च किये। लेकिन इन्हे खरीदना पड़ता है| जो काफी महगें दामों में आपको मिलते है| इन्हे डाउनलोड करने के लिए आपको इनकी ओफ्फिकल वेबसाइट पर ही जाना होता है| वही से आपको ट्रायल वर्जन भी मिलता है और पेड वव्रज भी मिलता है|

नॉट – कुछ लोग पेड सॉफ्टवेयर को हैक कर लेते है, और उन्हें इंटरनेट पर डाल देते है सभी के लिए लेकिन हैकर उनमें कुछ वायरस डाल देते है जिसे उन सॉफ्टवेयर को अगर कोई भी इन्सट्ल करें तो वो उनके कंप्यूटर को हैक करके उसके डाटा को चुरा कर बेच सके या उसे पैसे ले सके| हमे क्रेक सॉफ्टवेयर को उपयोग नहीं करना चाहिए|

इसे अच्छा तो हम उस सॉफ्टवेयर का कोई अल्टेरनेटिवे खोजें, इसकी हमें जरूरत होती है| इंटनेट पर आपको बहुत से ऐसी वेबसाइट मिल जाएगी जिन पर से आप किसी भी सॉफ्टवेयर का अल्टेरनेटिवे डाउनलोड कर सकते है|

अब अगर आप करना चाहे तो आपके लिए एक बहुत ही अच्छा ऑफर है अपने कंप्यूटर और लैपटॉप से घर बैठे पैसे कामने का – अगर आप करना चाहते है तो आप हमारे इस आर्टिकल को जरूर पढ़े – Ghar Bethe Laptop Se paise Kaise Kamaye

Software ke Prakar

1. एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर (Application Software),
2. सिस्टम सॉफ्टवेयर (System Software),
3. प्रोगरामिंग सॉफ्टवेयर (Programming Software),
4. ड्राइवर सॉफ्टवेयर (Driver Software)
इन सभी Software ke Prakar के बारे में और अधिक जानने के लिए आप इस पुरे आर्टिकल को ध्यान से पढ़े|

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