TheTime Management Book in Hindi PDF Reviews Download 2021

Time Management Book in Hindi PDF Reviews Download – आपको अपना Time Management system बनाना है, तो आपको इस बुक को जरूर पढ़ना चाहिए| The Time Management Book in Hindi. आज हम आपको इस बुक के बारे में जानकारी देंगे|

आपको हम बता दे की time management book को श्री डॉ. सुधीर दीक्षित जी ने लिखा है| इसमें आपको समय के उपयोग के 30 सिधांत दिए है गए है, जो आपके जीवन को बदल सकते है|

हम आपको इस बुक के बारे में बताने वाले है की आप को इस बुक में क्या मिलने वाला है| अगर आपको सिर्फ इस बुक Time Management Book in Hindi PDF Reviews के बारे में रिव्यु चाहिए है तो आप आगे बढ़िए|

इस Time Management Book in Hindi में आपको टाइम मैनेजमेंट के सर्वश्रेष्ठ उपयोग के 30 सिधांत दिए है| हम आपको के पहले अध्याय के बारे में पूरी जानकारी देगे| जिसे आपको समझ में आएगा की आपको इस book को पढ़ना चाहिए या नही |

इस पूरे संसार में सिर्फ एक ही कोना है, जिसे सुधारना पूरी तरह से आपके हाथ में है – और वह है आप स्वयं।

आल्डस हक्सले

नए संस्करण की प्रस्तावना – Time Management Book in Hindi PDF Reviews

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मुझे खुशी है कि टाइम मैनेजमेंट पुस्तक पाठकों को इतनी पसंद आई और उपयोगी लगी हैं। में बार-बार एक ही शिकायत करते थे कि यह कुछ ज़्यादा ही छोटी है। इसे जान-बूझकर छोटा रखा गया था! इसके पीछे सोच यह थी कि समय प्रबंधन की पुस्तक में समय बचाने के तरीके बताए जाते हैं, इसलिए इसे पढ़ने में ज़्यादा समय नहीं लगना चाहिए! लेकिन लेखक हमेशा से पाठकों की सलाह मानते आए हैं, इसलिए पाठकों की मांग पर अब इस पुस्तक को थोड़ा बड़ा कर दिया गया है… बस थोड़ा सा।

मूल संस्करण में समय के सर्वश्रेष्ठ उपयोग के 10 सिद्धांत बताए गए थे। इस संस्करण में 30 सिद्धांत दिए जा रहे हैं, ताकि पाठकों को ज़्यादा लाभ हो सके। पिछले पांच सालों में हुए शोध से मैंने जो कुछ भी नया और उपयोगी सीखा है तथा जिसे समय प्रबंधन के क्षेत्र में कारगर पाया है, उस सभी का सार इस नवीन संस्करण में शामिल है।

इस संस्करण में एक महत्वपूर्ण परिवर्तन यह है कि पुराने संस्करण के ‘मल्टीटास्किंग’ बाले सिद्धांत को हटा दिया गया है। नए शोध से पता चला है कि मल्टी-टास्किंग यानी एक ही समय में कई कार्य करना पुरुषों के लिए काफ़ी मुश्किल होता है और इससे एकाग्रता तथा कार्य की गुणवत्ता में कमी भी आती है। जैसा पब्लिलियस साइरस ने कहा है, ‘एक समय में दो काम करने से एक भी नहीं होता है।’

इस पुस्तक को नए स्वरूप में लाने के लिए मैं प्रकाशक विकास राखेजा का बहुत आभारी हूँ, जिनकी निरंतर प्रेरणा और सतत् आग्रह के बिना यह कार्य संभव नहीं था।

डॉ. सुधीर दीक्षित

अगर आप नहीं, तो फिर कौन? अगर अभी नहीं, तो फिर कब?

Time Management Book in Hindi PDF Reviews Download

पुस्तक का पहला अध्याय जिसको देख आप समझ सकते है की यह पुस्तक आपके लिए कितनी महत्पूर्ण है, आप इसे बुक Time Management Book in Hindi PDF अमेज़न से खरीद सकते है| चलिए अभी हम इसके पहले अध्याय को देख लेते है जो तीन बुनियादी सवाल के नाम से है|

तीन बुनियादी सवाल – Time Management Book in Hindi PDF Reviews Download 2021

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पहला बुनियादी सवाल : आजकल समय की इतनी कमी क्यों महसूस होती है?

दिन (सं.) चौबीस घंटों की अबधि, जिसमें से अधिकांश बर्बाद हो जाती है।

– एम्ब्रोज़ बियर्स

क्या आपने कभी सोचा है कि आजकल हमें समय की इतनी कमी क्यों महसूस होती है? समय पर काम न करने या होने पर हम झल्ला जाते हैं, आगबबूला हो जाते हैं, चिढ़ जाते हैं, तनाव में आ जाते हैं। समय की कमी के चलते हम लगभग हर पल जल्दबाज़ी और हड़बड़ी में रहते हैं।

इस चक्कर में हमारा ब्लड प्रेशर बढ़ जाता है, लोगों से हमारे संबंध खराब हो जाते हैं, हमारा मानसिक संतुलन गड़बड़ा जाता है और कई बार तो दुर्घटनाएँ भी हो जाती हैं। समय की कमी हमारे जीवन का एक अप्रिय और अनिबार्य हिस्सा बन चुकी है।

क्या आपने कभी यह बात सोची है : हमारे पूर्वजों को कभी टाइम मैनेजमेंट की ज़रूरत नहीं पड़ी, तो फिर हमें क्यों पड़ रही है? क्या हमारे पूर्वजों को दिन में 48 घंटे मिलते थे और हमें केवल 24 घंटे ही मिल रहे हैं? आप भी जानते हैं और मैं भी जानता हूँ कि ऐसा नहीं है!

हर पीढ़ी को एक दिन में 24 घंटे का समय ही मिला है। लेकिन बीसवीं सदी की शुरुआत से हमारे जीवन में समय कम पड़ने लगा है और यह समस्या दिनोदिन बढ़ती ही जा रही है। बड़ी अजीब बात है, क्योंकि बीसवीं सदी की शुरुआत से ही मनुष्य समय बचाने वाले नए-नए उपकरण बनाता जा रहा है।

बीसवीं सदी से पहले कार नहीं थी, मोटर साइकल या स्कूटर भी नहीं थे, लेकिन हमारे पूर्वजों को कहीं पहुँचने की जल्दी भी नहीं थी। पहले मिक्सर, फूड प्रोसेसर या माइक्रोवेव नहीं थे, लेकिन गृहिणियाँ सिल पर मसाला पीसने या चूल्हे पर खाना पकाने में किसी तरह की हड़बड़ी नहीं दिखाती थीं।

पहले बिजली नहीं थी, लेकिन किसी को रातरात भर जागकर काम करने की ज़रूरत भी नहीं थी। बास्तब में तब जीबन ज़्यादा सरल था, क्योंकि उस समय इंसान की ज़िंदगी घड़ी के हिसाब से नहीं चलती थी।

औद्योगिक युग के बाद फैक्ट्री, ऑफ़िस और नौकरी का जो दौर शुरू हुआ, उसने मनुष्य को घड़ी का गुलाम बनाकर रख दिया। पहले जीवन सरल था और अब जटिल हो चुका है : यही हमारी समस्या का मूल कारण है। पहले जीबन की रफ्तार धीमी थी, लेकिन अब तेज़ हो चुकी है।

अब हमारे जीवन में इंटरनेट आ गया है, जो पलक झपकते ही हमें दुनिया से जोड़ देता है। अब हमारे जीवन में टी.वी. आ चुका है, जिसका बटन दबाते ही हम दुनिया की ख़बरें जान लेते हैं। अब हमारे पास कारें और हवाई जहाज़ हैं, जिनसे हम तेज़ी से कहीं भी पहुँच सकते हैं।

अब हमारे पास श्री-जी मोबाइल्स हैं, जिनसे हम दुनिया में कहीं भी, किसी से भी बात कर सकते हैं और उसे देख भी सकते हैं। आधुनिक आविष्कारों ने हमारे जीवन की गति बढ़ा दी है। शायद आधुनिक आविष्कार ही हमारे जीवन में समय की कमी का सबसे बड़ा कारण हैं। इनकी बदौलत हम दुनिया से तो जुड़ गए हैं, लेकिन शायद खुद से दूर हो गए हैं।

कई बार सवाल जवाबों से ज़्यादा महत्वपूर्ण होते हैं।

– नैन्सी विलाई

यदि आप समय के सर्वश्रेष्ठ उपयोग को लेकर गंभीर हैं, तो इसका सबसे सीधा समाधान यह है : यदि आप किसी तरह आधुनिक आविष्कारों से मुक्ति पा लें और दोबारा पुराने ज़माने की जीवनशैली अपना लें, तो आपको काफ़ी सुविधा होगी। नहीं, नहीं… मैं यहाँ चूल्हे पर रोटी पकाने या मुंबई से दिल्ली तक पैदल जाने की बात नहीं कर रहा हूँ। मैं तो केवल यह कहना चाहता हूँ कि मोबाइल, टी.वी., इंटरनेट, चैटिंग आदि समय बर्बाद करने वाले आविष्कारों का इस्तेमाल कम कर दें।

पहले घड़ी हमारे जीवन पर हावी नहीं हुई थी और इसका सीधा सा कारण यह था कि ज़्यादातर लोगों के पास घड़ी थी ही नहीं। पहले अलार्म घड़ी की कोई ज़रूरत नहीं थी, मुर्गे की बाँग ही काफ़ी थी। तब 8:18 की लोकल पकड़ने का कोई तनाब नहीं रहता था। तब कोई काम सुबह नौ बजे हो या सवा नौ बजे, कोई ख़ास फ़र्क नहीं पड़ता था… लेकिन आज पड़ता है।

दुनिया बहुत तेज़ी से बदल रही है। अब बड़े छोटों को नहीं हराएँगे; अब तो तेज़ धीमों को हराएँगे।

-रूपर्ट मरडॉक

तो इस पुस्तक को आगे पढ़ने से पहले यह बात अच्छी तरह से समझ लें कि डाइबिटीज़, हाई ब्लड प्रेशर, कोलेस्ट्रॉल और हृदय रोग की तरह ही समय की कमी भी एक आधुनिक समस्या है, जो आधुनिक जीवनशैली का परिणाम है। यदि आप इस समस्या को सुलझाना चाहते हैं, तो आपको अपनी जीवनशैली को बदलना होगा।

याद रखें, दुनिया नहीं बदलेगी; बदलना तो आपको ही है। यदि आप अपनी जीवनशैली और सोच को बदल लेंगे, तो समय का समीकरण भी बदल जाएगा। जैसा अल्बर्ट आइंस्टाइन ने कहा था| हम जिन महत्वपूर्ण समस्याओं का सामना करते हैं, उन्हें सोच के उसी स्तर पर नहीं सुलझाया जा सकता, जिस पर हमने उन्हें उत्पन्न किया था।’

अब गेंद आपके पाले में है! अपनी सोच बदलें, जीवनशैली बदलें और समय का उचित प्रबंधन करके अपना जीवन बदल लें। इस संदर्भ में आधुनिक प्रबंधन के पितामह पीटर एफ़. ड्रकर की बात याद रखें, ‘जब तक हम समय का प्रबंधन नहीं कर सकते, तब तक हम किसी भी चीज़ का प्रबंधन नहीं कर सकते।’

आधुनिक औद्योगिक युग की सबसे प्रमुख मशीन भाप का इंजन नहीं, बल्कि घड़ी है।

– लुइस ममफोर्ड

लग रहा है आपको हमरा यह आर्टिकल TheTime Management Book in Hindi PDF Reviews Download 2021 हमे कमेंट में जरूर बताए|

दूसरा बुनियादी सवाल : आपके पास दरअसल कितना समय है?

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विधाता ने किसी को सुंदरता ज़्यादा दी है, किसी को कम दी है। किसी को बुद्धि ज़्यादा दी है, किसी को कम दी है। किसी को दौलत ज़्यादा दी है, किसी को कम दी है। लेकिन समय उसने सबको बराबर दिया है : एक दिन में 24 घंटे। समय ही एकमात्र ऐसी दौलत है, जिसे आप बैंक में जमा नहीं कर सकते। समय का गुज़रना आपके हाथ में नहीं होता। यह तो घड़ी की सुई के साथ लगातार आपके हाथ से फिसलता रहता है।

आपके हाथ में तो बस इतना रहता है कि आप इस समय का कैसा उपयोग करते हैं। अगर सदुपयोग करेंगे, तो अच्छे परिणाम मिलेंगे; अगर दुरुपयोग करेंगे, तो बुरे परिणाम मिलेंगे। ध्यान देने वाली बात यह है कि हमारे पास कहने को तो 24 घंटे होते हैं, लेकिन वास्तव में इतना समय हमारे हाथ में नहीं होता। सच तो यह है कि समय के एक बड़े हिस्से पर हमारा कोई नियंत्रण नहीं होता।

8 घंटे नींद में चले जाते हैं और 2 घंटे खाने-पीने, तैयार होने एवं नित्य कर्म आदि में चले जाते हैं। यानी हमारे हाथ में दरअसल 14 घंटे का समय ही होता है। दूसरे शब्दों में, जीवन में सिर्फ 58 प्रतिशत समय पर हमारा नियंत्रण संभव है, जबकि 42 प्रतिशत समय हमारे नियंत्रण से बाहर होता है। सुविधा की दृष्टि से यह मान लें कि 40 प्रतिशत समय पर हमारा नियंत्रण नहीं होता, जबकि 60 प्रतिशत समय पर होता है।

इस संदर्भ में सदियों पहले भर्तृहरि की कही गई बात आज भी प्रासंगिक है, ‘विधाता ने मनुष्य की आयु 100 वर्ष तय की है, जिसमें से आधी रात्रि में चली जाती है, बची आधी में से भी आधी बाल्यावस्था और वृद्धावस्था में गुज़र जाती है और बाक़ी बचे 25 वर्षों में मनुष्य को रोग और बियोग के अनेक दुख झेलने पड़ते हैं और नौकरी-चाकरी करनी पड़ती है।

इसलिए हम यह कह सकते हैं कि जलतरंग के समान चंचल इस जीवन में लेश मात्र सुख भी नहीं है।’ समय अनमोल है, क्योंकि वास्तव में समय ही संसार की एकमात्र ऐसी चीज़ है, जो सीमित है। अगर आप दौलत गंवा देते हैं, तो दोबारा कमा सकते हैं। घर गंवा देते हैं, तो दोबारा पा सकते हैं। लेकिन अगर समय गॅवा देते हैं, तो आपको वही समय दोबारा नहीं मिल सकता।

हमारे पास जीवन में बहुत कम समय है और यह समय सीमित है। यदि हम अपनी अपेक्षित आयु सौ वर्ष मान लें, तो हमारे पास जीवन में कुल 36,500 दिन ही होते हैं। इसी समय हिसाब लगाकर देखें कि इन 36,500 दिनों में से आपके पास कितने दिन बचे हैं, जिनमें आपको अपने जीवन का लक्ष्य प्राप्त करना है? नीचे दी गई आसान गणना करके खुद जान लें कि आपके पास अब लगभग कितने दिन बचे हैं|

खोई दौलत मेहनत से दोबारा हासिल की जा सकती है, खोया ज्ञान अध्ययन से, खोया स्वास्थ्य चिकित्सा या संयम से; लेकिन खोया समय हमेशा-हमेशा के लिए चला जाता है।

-सेम्युअल स्माइल्स
TheTime Management Book in Hindi PDF Reviews Download 2021
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अगर हम जीवन में कुछ करना, कुछ बनना, कुछ पाना चाहते हैं, तो यह अनिवार्य है कि हम समय का सर्वश्रेष्ठ उपयोग करना सीख लें, ताकि इस धरती पर अपने सीमित समय में हम वह सब हासिल कर सकें, जो हम हासिल करना चाहते हैं – चाहे वह दौलत या शोहरत हो, सुख या सफलता हो।

TheTime Management Book in Hindi PDF Reviews Download 2021
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तीसरा बुनियादी सवाल : आपका समय कितना कीमती है?

TheTime Management Book in Hindi PDF Reviews Download 2021
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कहा जाता है, ‘समय ही धन है। परंतु यह कहावत पूरी तरह सच नहीं है। सच तो यह क है कि समय सिर्फ़ संभावित धन हूँ। अगर आप अपने समय का सदुपयोग करते हैं, तभी आप धन कमा सकते हैं। दूसरी ओर, अगर आप अपने समय का दुरुपयोग करते हैं, तो आप धन कमाने की संभावना को गंवा देते हैं। 

क्या आप ठीक-ठीक जानते हैं कि आपका समय कितना कीमती है? अगर नहीं, तो नीचे दिए फ़ॉर्मूले का प्रयोग करके यह जान लें – 

समय का मूल्य ज्ञात करने का फार्मूला : 

आपके एक घंटे का मूल्य = आपकी आमदनी/काम के घंटे 

अपनी आमदनी में काम के घंटों का भाग देने से आप जान जाएँगे कि आपके एक घंटे के समय का वर्तमान मूल्य क्या है।

मान लें, आप हर महीने 20,000 रुपए कमाते हैं और इसके लिए आप महीने में 25  दिन 8 घंटे काम करते हैं। यानी आप कुल मिलाकर 200 घंटे काम करते हैं। इस स्थिति में आपके एक घंटे का मूल्य होगा : 20,000 (आमदनी)/ 200 (काम के घंटे) = 100 रुपए। TheTime Management Book in Hindi PDF Reviews Download 2021

इस उदाहरण में यदि आप रोज़ | घंटे का समय बर्बाद करते हैं, तो आपको हर दिन 100 रुपए का नुकसान हो रहा है, यानी एक साल में 36,000 रुपए। यदि आप हर दिन दो घंटे बर्बाद करते हैं, तो इसका मतलब है कि आपको हर साल 72,000 रुपए का नुकसान हो रहा है। यह अभ्यास करने के बाद आपकी आँखें खुल जाएंगी।

इससे एक तो आपको यह पता चल जाएगा कि समय की बर्बादी करने से आपको कितना आर्थिक नुकसान हो रहा है. इसलिए आप समय बर्बाद नहीं करेंगे। दूसरे, इससे अगर आपको यह आभास होता है कि आपके समय का वर्तमान मूल्य मंतोषजनक नहीं है, तो आप उसे बढ़ाने के उपाय खोजने लगेंगे।

इस फ़ॉर्मूले का सिर्फ एक बार प्रयोग करने से ही आपके जीवन में चमत्कारिक परिवर्तन हो जाएगा। आप समय के उपयोग को लेकर सतर्क हो जाएंगे। आप समय बर्बाद करना छोड़ देंगे। आप अपने समय के बेहतर उपयोग के तरीके खोजने लगेंगे। आप कम समय में ज़्यादा काम करने के उपाय खोजने लगेंगे। और यह सब केवल इसलिए होगा, क्योंकि अब आपको पता चल चुका है कि आपके काम का हर मिनट कितना कीमती है और उसे बर्बाद करके आप अपना कितना आर्थिक नुकसान कर रहे हैं।

आधुनिक मनुष्य उन चीज़ों को खरीदने लायक पैसा कमाने के पीछे पागल है, जिनका आनंद वह व्यस्तता के कारण नहीं ले सकता।

क्लार्क

जिन चीज़ों को मनुष्य ख़र्च कर सकता है, उनमें समय सबसे मूल्यवान है।

– थियोफ्रेस्टस

अभी पहला खंड यहीं समाप्त होता है| हमारे इस आर्टिकल TheTime Management Book in Hindi PDF Reviews Download 2021 का| अगर आपको इस किताब को पूरा पढ़ना है तो,

आप इस किताब को अभी अमेज़न से खरीद सकते है| आप समझ सकते है यह किताब कितनी बहतर तरिके से लिखी गई है समय के ऊपर| आपको हम बता दे अगर आप इस बुक को एक बार भी पूरा पढ़ते है तो आपको समय को बहतर तरिके से यूज करना आ जाएगा|

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